इस वजह से नहीं हो पाया था राधा कृष्णा का विवाह

0
20
krishna radha vivah kyu nhi hua

आज पुरे देश में श्री कृष्णा जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया जा रहा है। हिन्दू समाज में देवी तुल्य राधा रानी तथा सबके प्रिय नन्द के लाल श्री कृष्णा को प्रेम का प्रतिक माना जाता है।
वैसे तो श्री कृष्णा का विवाह रुक्मणि से हुआ थ। लेकिन राधा कृष्णा का प्रेम इतना ताकतवर था की आज भी कृष्णा के साथ राधा का नाम लिया जाता है।

वैसे तो रुक्मणि के अलावा भी नन्दलाल की कई पत्नियों को जिक्र होता है लेकिन कृष्णा का नाम तो राधा के साथ ही लिया जाता है।

krishna radha vivah kyu nhi hua

राधा कृष्णा के प्रेम की मिसाल तो हर जगह दी जाती है फिर क्या ऐसी वजह रही होगी की इतना प्रेम होने के बाद भी इनका विवाह नहीं हो पाया।
आज हम आपको उन वजह के बारे में बताने वाले है जिनकी वजह से ये प्रेमी शादी जैसे पवित्र बंधन में नहीं बंध सके और इनका प्रेम जानो जन्मांतर के लिए अमर हो गया।

यह भी पढ़े
जन्माष्टमी का व्रत हो तो रखे ये सावधानी वरना हो सकते है ये नुकसान
जाने जन्माष्टमी की प्रचलित लोक कथा | janmashtmi vrat katha

राधा कृष्णा की पहली मुलाक़ात

ऐसा माना जाता है की जब श्री कृष्णा और राधा जी की पहली मुलाक़ात हुई थी तब कृष्णा की उम्र महज ८ वर्ष थी तथा राधा रानी नन्दलाल से उम्र में ४ वर्ष बड़ी थी।

ये भी माना जाता है की जब राधा जी से विवाह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब में कहा था की कोई भला अपनी आत्मा से विवाह कैसे कर सकता है , राधा कृष्णा का प्रेम तो आत्मीय था।
कृष्णा और राधा की मुलाक़ात बालयकाल में हे हुई थी उसके बाद न तो कृष्णा कभी वृंदावन आये और ना ही महाभारत में राधा जी जिक्र है।

यह थी असली वजह

राधा और कृष्ण गोलोक में रहते थे, एक बार किसी बात को लेकर कृष्ण भक्त श्रीद्धमा से राधा जी की बहस हो गई थी जिसके बाद राधा जी ने उन्हें श्राप दिया कि तुम्हारा जन्म राक्षस योनि में होगा।
श्रीद्धमा ने भी राधा जी को श्राप दिया कि वे धरती लोक पर जन्म लेकर सौ वर्षों तक अपने प्रियतम से वियोग सहेंगी। उसके बाद वे श्रीहरि की संगति को प्राप्त होगीं